चूत पर चोदने वाले का नाम नहीं लिखा होता

 
loading...

कुछ दिन पहले हमारे रिश्ते में एक शादी में हम सभी गए थे।
बहुत सारे रिश्तेदार आए हुए थे। मैं भी बहुत उत्साह से इसमें शामिल हुई थी।
मेरे रिश्ते का एक देवर शिशिर खूब जवान और खूबसूरत था, उससे मेरी खूब ठिठोली और मजाक चला करती थी, वो भी वहाँ आया हुआ था।
वो बड़ा गठीला बदन, भरी पूरी ऊँचाई, कातिल हँसी, कुल मिला कर सजीला गबरू जवान था।
मुझे मालूम था कि वो भी मुझ पर नज़र रखता था। कई बार मुझे जाने-अनजाने में छूने और लिपटने की कोशिश भी करता था। मेरा दिल भी उस पर बेईमान था।
उस दिन उसने मुझसे कहा- आप सेक्सी लग रही हो..!
तो मेरा चेहरा भी खिल उठा, फिर हम तैयार होने अपने-अपने रूम में चले गए, मेरा और उसका रूम आमने-सामने था। फिर हम लोग जब पार्टी में जा रहे थे, तो संयोगवश लिफ्ट में हम अकेले ही थे।
उसने मौका देख सामने शीशे में देख कर कहा- आज तो सिर्फ तुम्हीं तुम दिख रही हो..!
और यह बोल कर उसने मेरे गाल दबा दिए तो मैं कुछ नहीं बोलीं, बस अन्दर ही अन्दर मचल कर रह गई।
और फिर हम लोग शादी के कार्यक्रम में शामिल हो गए।
उस रात उसने मुझसे खूब मजाक किया और मैंने भी उसके मजाक का आनन्द लिया।
अगले दिन सुबह जब वो नहाने के लिए जा रहा था, तो मेरे सामने आते ही, उस का चेहरा और शरीर खिल उठा था। मैंने उसकी पैन्ट को देखा तो उसमें उसका लिंग तन गया था और बड़ा खूबसूरत दिख रहा था।
मेरी चूत तो उसे देख कर ही पनिया गई थी। कुछ भी कर के अब तो मुझे उस से चुदना ही था। मैं तरकीब सोचने लगी।
मैंने उसकी तरफ आँख मारी और उसके लंड की तरफ उसको इशारा किया।
एक बार तो वो शरमा गया, फिर धीरे से मेरे पास आ कर मेरे गाल के बिल्कुल नज़दीक आ कर मेरे कान में धीरे से बोला- कैसा लगा..? अच्छा है ना..! पसन्द है..?


मैं भी शरमा कर भाग गई। अब मेरा चुदना लगभग तय था। अब मेरी बारी थी। मैंने सोच लिया कि अब मैं भी उसे कुछ दिखाऊँ।
जैसे ही वो नहा कर निकला मैं बाथरूम में घुसी और धीरे से उससे कहा- यहीं बाहर ही रुकना, कुछ दिखाना है।
उसने कहा- ओके…!
मैं बाथरूम से नहा कर बिना ब्रा के गीला टॉप पहन कर बाहर आ गई। उस का मुँह तो जैसे खुला का खुला रह गया।
मैं मुस्कराई और उसके पास जाकर उसके कान में बोलीं- मुँह बंद कर लो राजा.. अभी मुँह में नहीं दे रही हूँ..!
यह कह कर मैं हंस कर कमरे में भाग गई।
जाते जाते बोली- पांच मिनट बाद कमरे में आओ तो, कुछ और देख पाओगे..!
उसका मुँह फिर खुला सा रह गया। अब इस खेल में मुझे मजा आ रहा था।
मैं कमरे में आ गई थी। मैंने गीला टॉप उतार कर बदन पोंछ कर पेटीकोट साड़ी पहन ली, ऊपर ब्रा पहन ली पर ब्लाउज नहीं पहना। थोड़ी देर में बेसब्रे देवर जी कमरे में आए, तो मैंने एक चूची नंगी कर के उनको दिखाई और फिर ढक दी।
देवर जी बोले- कुछ और दिखाओ न भाभी..! चलो दोनों दिखाओ ना..!
मैंने कह दिया- बस अब आप जाओ..!
वो लंड सहलाते चले गए, उनको भी अब कुछ और करना होगा, ऐसा शायद सोच रहे हों।
अगले दिन जब सब मेहमान चले गए थे और कुछ रह गए थे। मैं सुबह उठ कर कमरे से बाहर आई तो मैंने मिडी पहनी हुई थी।
आज मुझे मस्ती कुछ ज्यादा ही चढ़ रही थी, सो मैंने शिशिर को देखते हुए एक कातिल अंगड़ाई ली।
शिशिर ने भी पौना-जीन्स पहनी हुई थी। मेरे अंगड़ाई लेते ही उसका लंड तन गया था और उसने चड्डी नहीं पहनी हुई थी, सो उसका टोपा पैन्ट से उभरा हुआ दिख रहा था।
बड़ा शानदार लंड था और लम्बा भी था। मुझे उस पर बड़ा प्यार आ रहा था।
मुझे खतरनाक शैतानी सूझी, मैं उसके नज़दीक गई, मैंने अपने अंगूठे और दो उंगलियों के बीच में उसके टोपे को धीरे से मसला। दो-तीन बार मसलने के बाद छोड़ा।
शिशिर भैया ‘सी..सी’ कर के सीत्कार कर उठे।
मैंने धीरे से कहा- कुछ देखना हो तो पांच मिनट बाद कमरे में आओ।
मेरे लंड के टोपे को पकड़ कर मसलने से देवर जी समझ गए कि मामला फिट है, सो खुश थे।
मैं कमरे में आई और मिडी उतार दी, नीचे सिर्फ पैन्टी थी, ब्रा पहनी नहीं थी, सो दोनों कबूतर उछल कर बाहर निकल आए। बड़े प्यारे लग रहे थे, सो मैं भी ऐसे ही लेट गई।अब सिर्फ पैन्टी मेरे शरीर पर थी, बाकी मैं नंगी थी। अब क्या.. सिर्फ इंतज़ार था।
देवर जी कमरे में आए, मुझे देखते ही उनकी लार टपक पड़ी।
मैंने कहा- कल यही देखना चाहते थे न… आप..! लो देख लो, पर खबरदार… नज़दीक मत आना और कुछ करना नहीं.. भाभी हूँ आपकी..! खेल अब खतरनाक हो गया था। कुछ करना बहुत जरूरी हो गया था।
मैंने अपने पति सुनील से कहा- मैं आज अपने घर पर कुछ काम करना चाहती हूँ। टाइम लगेगा सो आप मेरे साथ चलो।
उसने कहा- तुम ऑटो से चली जाओ, मुझे आज ऑफिस में अर्जेंट मीटिंग है। मैं तो उल्टा आज देर से आ पाऊँगा।
मैंने कहा- मुझसे अकेले नहीं हो पाएगा.. ऊपर टांड से कुछ सामान उतारना है।
सुनील ने कहा- तो ऐसा करो.. शिशिर को ले जाओ, वो फ्री ही है।
“पर उससे मैं नहीं कहूँगी.. आप कहो तो शायद वो मान जाए, पर आप कह देना कि वहाँ कुछ टाइम लगेगा, सो वापस मुझे साथ लेकर ही आए।”
मैंने ये इसलिए कहा था कि किसी को कुछ शक नहीं हो, इसलिये सुनील से कहलवाया।
अधिकतर मेहमान चले गए थे और कुछ रह गए थे। मैं, माँ, आंटी और कुछ रिश्तेदार बैठ कर बातें कर रहे थे।
तभी मेरे पति आए और उससे बोले- शिशिर जरा अपनी भाभी को घर ले जा, उसे कुछ काम है।
फिर हम दोनों हमारे घर आ गए। घर आ गया, उस समय घर में मैं और शिशिर ही थे।
शिशिर ने आते ही घर का दरवाजा अन्दर से बंद कर दिया था। उसने मेरे पीछे आकर मुझे पकड़ लिया। शिशिर मुझे चूमने की कोशिश करने लगा।
शिशिर ने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे ऊपर आ गया और मुझे प्यार करने लगा।
जैसे-तैसे मैंने उसे हटाया और कहा- हटो, मैं चाय बना कर लाती हूँ।
मैं उठकर चाय बनाने चली गई और वो मेरे पति के कंप्यूटर पर जा कर बैठ गया।
कंप्यूटर पर नेट ऑन किया और मेल चैक करने लगा और साथ-साथ उसमें पोर्न साईट सर्च कर रहा था, तभी मैं चाय लेकर चुपचाप उसके पीछे खड़ी होकर देखने लगी।
वो भी हॉट सेक्सी सीन्स का मज़ा ले रहा था। अचानक उसने देखा तो मैं पीछे थी, वो जैसे ही हड़बड़ी में पीछे घूमा, मैं चाय लेकर खड़ी थी, तो पूरी ट्रे मुझ पर ही उलट गई।
चाय बहुत गर्म थी, तेज़ी से जलन हुई, मैं भाग कर जल्दी से बाथरूम में जाकर पानी से धोने के लिए चली गई। चाय बहुत गर्म थी।

Click Here to Send Me Friend Request!

मैं चाय लेकर चुपचाप उसके पीछे खड़ी होकर देखने लगी। वो भी हॉट सेक्सी सीन्स का मज़ा ले रहा था।

अचानक उसने देखा तो मैं पीछे थी, वो जैसे ही हड़बड़ी में पीछे घूमा, मैं चाय लेकर खड़ी थी, तो पूरी ट्रे मुझ पर ही उलट गई।
चाय बहुत गर्म थी, तेज़ी से जलन हुई तो मैं भाग कर जल्दी से बाथरूम में जाकर पानी से धोने के लिए चली गई। चाय बहुत गर्म थी।

अब आगे की कहानी आप शिशिर के शब्दों में सुनिए।

दोस्तों मैं 23 साल का जवान लड़का हूँ मेरा लंड 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है और मेरी हाइट 5’ 11” इंच है। मैं एक स्मार्ट लड़का हूँ मेरा रंग गोरा है। आज मैं आपको अपने पहले सेक्स अनुभव के बारे में बता रहा हूँ।
भाभी जल्दी से बाथरूम में जाकर पानी से धोने के लिए चली गई, चाय बहुत गर्म थी।
वो जल्दी से बाथरूम में गई और शावर ही खोल दिया ताकि जल्दी ठंडे पानी से आराम मिले।
दरवाज़ा खुला ही था।
मैंने कहा- पानी तेज़ चला लो और तुम्हें कहीं जलन तो नहीं हो रही है, जल्दी से कपड़े बदल डालो।
यह कहते हुए मैं बाथरूम के पास चला गया और देखा तो भीगे कपड़ों में वो बेहद खुबसूरत लग रही थी।

उसकी ब्रा ब्लाउज में से साफ़ नज़र आ रही थी। ब्रा में से स्तन बाहर आने को आतुर हो रहे थे, स्तनों का साइज़ 38 था। साड़ी का पल्लू पूरा नीचे था।
वो बोलीं- जरा मेरी मदद कीजिए.. जरा अलमारी से तौलिया ला दीजिए।
मैं तौलिया निकालने गया।
इसी बीच भाभी ने अपनी साड़ी उतार दी थी, ब्लाउज भी खोल दिया, अब वो अपनी ब्रा खोलने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो हुक खुल नहीं रहा था।
मैंने उनको तौलिया पकड़ा दिया। उन्होंने उसे हाथ में लेकर हेंगर पर टांगा और अपने ब्रा के हुक को खोलने की कोशिश करने लगी।
मैंने बाहर से कहा- मैं हेल्प करूँ..!
वो बोलीं- हाँ हाँ जल्दी खोल दीजिए न.. चाय गर्म थी ना..!
वो दरवाजे की तरफ पीठ कर के खड़ी हो गई और मैंने ब्रा का हुक खोल दिया और कमर पर हाथ फेरते हुए कहा- कहीं जलन तो नहीं हो रही..!
मैं बड़े प्यार से कमर पर हाथ चला रहा था, बोला- ठंडे पानी को बदन पर डालो..!
फिर मैंने शावर चला दिया। शावर के नीचे उनके स्तन बहुत ही सेक्सी लग रहे थे। उनके स्तन उठे हुए थे। उनको देख कर, पूरी मस्ती आ रही थी।
मैं भी भीग गया।
फिर वो बोलीं- देवर जी, आप भी भीग गए हो.. जल्दी कपड़े उतार लीजिए..!
मैंने ‘फट’ से सारे कपड़े उतार दिए।

मेरा लंड पूरा टाइट होकर खड़ा हो गया था। अंडरवियर में लंड खूब तना हुआ था। भाभी ने भी गौर किया था, पर उनको शायद कोई एतराज़ नहीं था। मैंने फिर धीरे से उनके बाल गर्दन पर से हटाए।
मैंने कहा- भाभी, जरा सामने घूमो कहीं यहाँ जलन तो नहीं हो रही है।
सामने घूमने पर उन के खरबूजे बहुत मस्त लग रहे थे।
मैंने दोनों हाथों से उनको प्यार से सहलाया और कहा- इन पर थोड़ा पानी और डालो।
उसके मस्त मम्मे सहलाते हुए मैंने पूछा- कहीं जलन तो नहीं हो रही? ठीक से पानी पैरों पर और जांघों पर भी डालो.. वहाँ भी चाय गिरी है।
यह कहते हुए मैंने उनके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया। फिर भाभी ने जल्दी से पेटीकोट उतार दिया और फिर पानी डालने में लगीं।
मैंने कहा- इधर कहीं जलन तो नहीं हो रही..!
यह कहते हुए मैंने पूरी जाँघों पर, टांगों पर और उसकी चूत पर और चूतड़ों-गांड पर खूब हाथ मला जैसे कि मैं धोने में मदद कर रहा होऊँ।
मैंने कहा- कहीं जलन हो रही हो तो क्रीम लगा दूँ..!
बोलीं- नहीं, अब ठीक लग रहा है।
मैंने कहा- पर अब जलन मेरे बदन पर शुरू हो गई है।
बड़ी मदमस्त लग रही थी वो, और मुझसे रहा नहीं जा रहा था। अब मैं क्या करूँ कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
मैं भाभी की कमर पर हाथ फेरने लगा और बोला- मेरी जान, तुम तो इतनी सेक्सी हो मैंने कभी सोचा नहीं था।
पीछे से भाभी का बदन बहुत सेक्सी लग रहा था। उनका फिगर का साइज़ 38-30-38 था।
“आज तो मुझे गिफ्ट चाहिए..!” यह बोलकर झट से मैंने पहले हाथ को चूमा और फिर उनके लबों को चूम लिया।
वो बोलीं- क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- मस्ती और क्या..!
फिर थोड़ा सा आगे पैर दबाया और उनके पास सट कर खड़ा हो गया और उनके बालों को हटाते हुए एक हाथ को कमर पर और दूसरे हाथ को उनके स्तन के ऊपर रखते हुए उनको अपनी तरफ खींच लिया।
और उनसे बोला- जब से मैंने आपके भीगे हुए बदन को देखा है, मेरे मन में आग सी लगी है। मैं बेचैन हो गया हूँ। आज मैं अपनी हर कामना को पूरा करना चाहता हूँ।
अब मैं उनके बड़े बड़े स्तनों को दबाने लगा, तो वो पहले कुछ देर तक तो विरोध करती रहीं लेकिन थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि वो “उम् आह..” की आवाजें निकालने लगीं और फिर “स्स्स्स आह उम्” की मस्ती भरी एक अजीब से आवाज़ निकलने लगी।
वो हालांकि उस वक्त भी यह दिखाने की पूरी कोशिश कर रही थीं कि वो वैसा नहीं चाहती है, लेकिन उन्हें मज़ा आने लगा था।
मैं उनके स्तनों को जोरों से दबाने लगा और फिर जीभ से चाटने लगा और बोला- इससे सारी जलन मिट जाएगी..!
और चारों तरफ जीभ फेरने लगा।
अहह.. क्या लग रही थी..!
मैं उनके स्तनों पर टंके हुए सेक्सी निप्पलों को चूस रहा था। फिर मैंने उनके स्तनों को अपने हाथों में भर लिया और उनको दबाने लगा। स्तन इतने बड़े थे कि मुश्किल से हाथ में आ रहे थे।
मैं अपने भाग्य को सराह रहा था कि आखिर आज मेरे लंड को चुदाई का मौका मिल ही गया…
मैंने उनके मुँह में मुँह डाला और उन्हें पागलों की तरह चूमने लगा।
वो भी जोश में आ गई थी मैं उनके स्तनों को अपने मुँह में भरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वो इतने बड़े थे कि यह नामुमकिन था।
वो उधर सिसकरियाँ भर रही थी- अम्म… आह्ह्ह्ह क्या कर रहे हैं आप अह उम्म्म..!
मैं भी जोश में आ गया। भाभी भी स्तन को हाथ लगाने लगी, उनके मन में भी अब सेक्स की इच्छा प्रबल हो उठी थी शायद…!
मैंने अपना अंडरवियर भी उतार दिया, मेरा लंड पूरी मस्ती से खड़ा था।
वो देखकर बोलीं- शिशिर यह तो बहुत ही बड़ा है मैं नहीं झेल सकती.. कितना लम्बा और मोटा है। तुम्हारे भैया का 5 इंच से ज्यादा नहीं होगा पर तुम्हारा तो.. ओफ्फ्फ्फ़… बताओ तो सही क्या साइज़ है..!
मैं बोला- ज्यादा नहीं यही कोई 6 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है और अब तुम डरो नहीं मेरा वादा है कि जब यह तुम्हारी चूत में एक बार पूरा जाएगा, तब तुम खुद ही बोलोगी कि प्लीज शिशिर पूरा डाल कर चोदो मुझे, ट्रस्ट मी जरा इसको अपने प्यारे हाथों में लेकर थोड़ा प्यार करो।
फिर भाभी डरते हुए मेरे लंड को अपने हथेली से सहलाने लगी। कुछ देर बाद भाभी को अच्छा लगने लगा तो उन्होंने किस करते हुए मेरे लंड को जोर से दबाया।
फिर मैंने तौलिये से उनके गीले बदन को पोंछते हुए कहा- चलिए, हम आज सुहागदिन ही मनाएंगे।
भाभी भी अब जोश में आ गई थीं और मजा लेना चाह रही थीं।
उन्होंने मुझे लिपटना और चूमना शुरू कर दिया बोलीं- तुम्हारा लंड कितना प्यारा है.. मैं इससे प्यार कर लूँ..!
मैंने कहा- जानू ये तो बस अब तुम्हारा ही है खूब प्यार करो और चूसो।
भाभी बड़े प्यार से लंड को प्यार करने लगीं चूमने लगीं। भाभी अब दिल ओ जान से तैयार थीं।
भाभी गर्म हो उठी थीं और चुदना चाह रही थीं।
उन्होंने अपनी टांग उठा कर लंड को चूत के नजदीक ले जा कर चूत में लेना चाहा, पर मैं उनके मुँह से सुनना चाहता था कि आओ शिशिर मुझे चोदो..!
लंड भाभी की चूत के बाहर खड़ा है, चोदना मुझे भी है और चुदना भाभी भी चाह रही है, पर मुझे लगा अभी जल्दी है थोडा फोरप्ले और होना चाहिए।
अब मैंने उनको अपने बांहों में उठा लिया और ले जाकर बेड पर लिटा दिया और उन्हें चूमने लगा।
वो बोलीं- चूमा-चाटी में ही टाइम ख़राब करोगे या कुछ आगे भी करोगे?
मैं उनके दोनों स्तनों के चूचकों को चूसने लगा था और वो जोर-जोर से, “आह…हह.. और जोर से चूसो अआह्ह्ह ऊऊह्ह्ह्ह..!”
और वो छटपटा रही थी। मैंने दोनों हाथों से उनके स्तनों को दबा रहा था और मुँह से एक-एक करके पपीते चूस रहा था।
फिर मैं एक हाथ से उनके चूत के बालों पर हाथ फिराने लगा।
वो उछल-उछल कर चिल्ला रही थी, “शिशिर और जोर से करो.. और जोर से दबाओ.. और जोर से चूसो…!”
फिर मैं उनके पूरे बदन को चूमने लगा। वो मानो नई दुल्हन की तरह सिसकारियाँ ले रही थीं और मैं उनके पूरे बदन को अपनी जीभ से चाट रहा था।
फिर मैंने उन्हें उल्टा लिटा दिया और उसके पिछले हिस्से पर अपनी जीभ फिराने लगा। उसको मानो स्वर्ग का आनन्द मिल रहा था।

मैंने उनकी दोनों जांघों के बीच में भी अपनी जीभ को घुमाकर उन्हें मस्त कर डाला और फिर ऊपर से नीचे तक उन्हें चूम लिया।

अब रहा नहीं जा रहा था। मैंने अपना लंड उसके मुँह की तरफ कर दिया और चूसने को कहा।
तो वो बोलीं- नहीं शिशिर… यह मेरे मुँह में नहीं जा सकता..!
मैंने कहा- ठीक है कोशिश तो करो.. मैं तुम्हारी चूत चूसता हूँ और तुम मेरा लंड..!
फिर मैं ऊपर और वो नीचे थी, मैं उनकी बालों वाली चूत को जीभ डालकर चाटने लगा तो वो स्वर्ग में उड़ने लगी और मस्ती में मेरा लंड मुँह में जितना ले सकती थी, उतना लेकर चूस रही थी। उसको अब खूब मज़ा आ रहा था।
करीब 15 मिनट बाद वो बोलीं- शिशिर मैं झड़ने वाली हूँ… जोर-जोर से मेरी चूत को चूसो, खा जाओ मेरी चूत को आआह्ह्ह… आज तक कभी मेरे पति ने इस तरह मेरी चूत नहीं चाटी आअम्म्म्म..!
ये बोलते हुए उन्होंने मेरी गर्दन अपनी टांगों में कस ली और अपनी चूत ऊपर उठा दी, मैं समझ गया कि वो झड़ गई है।
इतनी देर में उनकी चूत का रस मेरे मुँह के रास्ते मेरे गले में उतर गया। वो शांत हो चुकी थी और मेरा लंड अब भी चूस रही थी।
कुछ देर बाद मैं उठकर उनकी टांगों के बीच में बैठ गया और उनकी चूत के मुँह पर लंड रखा और थोड़ी देर के लिए उन्हें सताने के लिए उस पर धीरे-धीरे रगड़ने लगा।
उन्हें इतना मज़ा आ रहा था कि वो बोल नहीं पा रही थीं, पर उनके चेहरे से साफ़ जाहिर था कि वो मेरे लंड को अपनी चूत के अन्दर लेने के लिए बेकरार हो रही थीं।
फिर मैंने उनकी चूत के मुँह पर लंड रखकर एक हल्का सा धक्का मारा, वो सिहर उठीं, अब उन्हें दर्द होने लगा। मैंने उनके मुँह पर झुककर उन्हें चुम्बन करने लगा और अपने हाथ उनके स्तनों पर फेरने लगा।
भाभी बोलीं- अय्यीयाह… मर जाऊँगी.. अह… यार बहुत मोटा है.. धीरे करो..!
उन्हें वो अच्छा लगा और मैंने चूमते हुए ही एक और धक्का दे दिया और मेरा लंड कुछ और अन्दर डाल दिया, तो उनकी चीख निकल गई।
पर मेरे लगातार चुम्बन करने की वजह से वो मेरे मुँह में ही रह गई। मैं ने चुम्बन को चालू रखा, उन्हें इससे बहुत अच्छा लग रहा था और मेरे दोनों हाथ उसके उभारों को मसल रहे थे।
उन्हें बहुत मज़ा आ रहा था।

फिर मैंने उनके मुँह को अपनी जीभ से भर दिया और उसके मम्मों को जोर-जोर से दबाने लगा। उसे थोड़ा दर्द जरुर हुआ, पर वो मज़े लूट रही थी।

फिर थोड़ी देर उनके मम्मों को सहलाने के बाद मैं एक और आखरी धक्का दे दिया और मेरा पूरा 6 इन्च लम्बा लंड उनके चूत के अन्दर था।
वो जोर से सिसकारी मार रही थी, “आह्ह्ह्ह उईईई मरीईए गई मज़ा आ गया चोद दे याररर अह्ह्ह्हह…!”
अब मैं फिर धक्का मारने लगा। धीरे-धीरे अब वो अब वो मुझे अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर साथ देने लगी।

कुछ देर बाद मैंने उसके पैर अपने कन्धों पर रखे और अपना पूरा लंड उसकी चूत में अन्दर बाहर कर रहा था।

उनके पैर मेरे कंधे पर होने से पोजीशन इतनी टाइट थी और मैं उनके चूत के अन्दर तक चला गया था।

मेरा लम्बा लंड भाभी की चूत में उछल-कूद करने लगा।
वो चिल्ला रही थी, “बहुत बड़ा है..अब बस करो मुझसे सहा नहीं जाता प्लीजजज..!”
पर मैं बस थोड़े ही करने वाला था। कुछ देर बाद उनकी चूत में मेरे लंड ने अपनी जगह बना ली थी।
अब भाभी भी मुझे कह रही थीं, “और जोर से चोद.. आज से पहले ज़िन्दगी में ऐसी मज़ा कभी नहीं आया..!”
और मैं धक्के पर धक्के दे रहा था और वो भी उछल-उछल कर मेरा साथ दे रही थी। मैं जोर-जोर से अपना लंड उसकी चूत में अन्दर-बाहर करने लगा।

वो अपने बाल नोंच रही थी, तो कभी अपने स्तन को दबा रही थी। बस मुझे उसके साथ आज ज़िन्दगी का मज़ा लूटना था।

अब वो इतनी तेज़ी से उछल रही थी कि वो उसकी चूत से ‘फच फच’ की आवाजें पूरे रूम को भरने लगीं।
भाभी भी मेरा हौसला बढ़ा रही थीं, “और जोर से शिशिर और जोर से.. अब मैं झड़ने वाली हूँ.. तुम मुझे बहुत मज़ा दे रहा हूँ आह्ह अआम्म्म हाँ… और जोर से आआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्… लो मैं झड़ी…आ..हह..!”
और वो झड गई। कुछ देर बाद करीब मैं परेशान हो गया था कि मैं झड़ क्यूँ नहीं रहा था। भाभी को फिर तो मैंने अलग-अलग आसनों में अलग-अलग तरीके से खूब चोदा। उन्होंने भी खूब मजे से चुदवाया। मुझे भी खूब मजा आ रहा था। दस मिनट बाद मैंने उनकी चूत में गरम-गरम रस डाल दिया और इस दौरान वो भी दोबारा झड गई थीं। मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए।
मैंने कहा- भाभी मन नहीं भरा है..!

दस मिनट बाद मैंने उनकी चूत में गरम-गरम रस डाल दिया और इस दौरान वो भी दोबारा झड गई थीं। मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए।
मैंने कहा- भाभी मन नहीं भरा है..!
वो बोलीं- तो करते रहो।
मैंने कहा- पहले तुम्हें इस लंड महाराज की सेवा करनी होगी..!
उसने उसे हाथ में लेकर सहलाना चालू किया। मैं उसके स्तन के निप्पल को मसलने लगा। उनके निप्पल भी अब टाइट होने लगे थे। उन्होंने मेरे लंड को चूमा फिर मुँह में ले लिया और चूसने लगीं।
मुझे बड़ा आनन्द आ रहा था। मैं भी बोल रहा था, “भाभी आज इसे पूरा पी लो और जोर से चूस… पूरी जीभ से चाट.. खा लो न.. खूब जोर से लो प्लीज..!”
वो भी “उम्म्मम्म” करके लॉलीपॉप की तरह चूसे जा रही थी। उसने अपनी जीभ से मेरा पूरा लंड साफ कर दिया और उसे वापस ‘फ्रेश-बनाना’ की तरह कर दिया और चूस-चूस कर अब उसने मेरा लंड गरम लोहे की तरह बना दिया। मैं उसके और उसके स्तनों से खेल रहा था। वो भी अब कड़क हो गई थी।
“अब तुमको फिर मज़ा देता हूँ..! और उससे बोला- अब मैं तुम्हें डॉगी-स्टाइल में चोदूँगा।
वो बोलीं- कैसे?
मैंने कहा- अरे पागल आज तक ऐसे नहीं करवाया तो क्या मस्ती मिली रे.., रोज नए-नए स्टाइल से चोदने का आनन्द लेना चाहिए मेरी जान..!
शीला भाभी बोलीं- तो करो… नए-नए स्टाइल से आज मेरे ऊपर.. देखूं तो सही..!
मैंने उसे उसके दोनों हाथ को साइड में रखी टेबल पर जमा दिए और बोला- अब थोड़ा झुक जाओ।
फिर मैंने उन्हें डॉगी-स्टाइल में खड़ा कर दिया और पीछे से उनके दोनों स्तन को पकड़कर मसल डाला और अपना लंड उनकी दोनों जाँघों के बीच में डालकर अपने लंड को उनकी चूत पर थोड़ा रगड़ा और उसे गर्म किया।
फिर मैंने अपना पूरा लंड एक ही झटके में अन्दर डाल दिया और मेरे हाथ उनके स्तन को मसल रहे थे, निप्पलों को पकड़ कर खींच रहा था.. मसल रहा था..।
इस स्टाइल में उन्हें दोनों तरफ से इतना मज़ा आ रहा था कि वो “अह्ह्ह्ह” करती जा रही थीं, “करते रहिए रुकिए नहीं..!”
अब मेरा लंड उनकी चूत में स्क्रू की तरह चला गया था और फिट हो गया था, इससे उन्हें बहुत अधिक उत्तेजना हो रही थी।
मुझे भी जबरदस्त आनन्द आ रहा था।
अब मैंने उनसे कहा- अब मेरी ‘हॉर्स-पावर’ देखो तुम्हें घोड़े की तरह चोदूँगा।
मैंने अपनी पोजीशन के लिए उनके स्तन को जोर से पकड़ लिया और धक्का देने लगा। वो भी अपनी गांड को पीछे कर कर के मेरा पूरा लंड खाना चाहती थी।
अब मैं भी जोर-जोर से धक्के देने लगा। उसके गोल-गोल चूतड़ों को धक्के देने में मज़ा आ रहा था।
वो बोल रही थी, “चल मेरे घोड़े फटा-फट और जोर से और जोर आज तेरी भाभी मस्त हो गई है.. शिशिर आज मान गई.. तुझको.. आज तक इतना जोर का मज़ा नहीं आया..!
अब मेरा वक़्त आ गया था। मैं कभी भी अपना लोड छोड़ सकता था और वो भी अब झड़ने वाली थी। मैंने अब उसकी गांड को दोनों हाथों से पकड़कर धक्के देना चालू किया और वो भी काफी उत्तेजित हो कर चिल्ला रही थी, “आःह ओफफ्फ्फ्फ़ ईईस्स्स्स और जोर से धक्का मारो मेरी चूत फाड़ दो….!”
फिर हम दोनों एक साथ झड़ गए।
फिर तो मैंने भाभी को कई बार और कई तरीकों से चोदा और उस दिन के बाद से यह चुदाई अभी जारी है।
मुझे पता है कि भाभी के और भी कई यार हैं, जिनसे वो चुदवाती हैं, पर मेरी जगह उनकी ज़िन्दगी में एक ख़ास मुकाम रखती है।
अब शीला यानि मैं सच कहूँ आज चुदाई में मज़ा बहुत आया, पर दिल कर रहा था अभी कुछ और भी हो.. घर में कोई था नहीं और मेरे पति सुनील वैसे ही देर से आने वाले थे इसलिए कुछ और खेलने का मन कर रहा था।
मैंने कहा- भैया, मैं नहा लेती हूँ, सब साफ़ कर लूँ.. फ्रेश हो जाऊँ…!
शिशिर बोला- ठीक है दी..!
मैंने कहा- दी.. क्यों बोला..!
तो वो बोला- आपने भी तो भैया कहा..!
मैं हंस दी, चलो ठीक है.. देवरजी.. पर दी बोलोगे तो भी चलेगा.. मैं समझूँगी मेरे भैया ने मुझे चोदा।
मैंने शिशिर को बताया नहीं, पर आपको तो पता है कि मेरा एक कजिन मुझे चोदना चाहता था, सो आपकी सलाह पर मैंने उससे चुदवा लिया था।
घर की बात घर में, सो मेरे कजिन ने मुझे चोदा था।
ख़ैर मैं उस से बोली- इस हिसाब से तो तू बहनचोद हुआ..!
वो भी जोर से हँसा और बोला- ऐसा ही सही.. तो तू मेरी रंडी बहना हो गई..!
अब मैं नहाने चली गई..बाथरूम का दरवाज़ा खुला ही था। मैं नंगी ही नहाने लगी।
मुझे शैतानी सूझी, मैंने कहा- देवर जी आओ आप भी नहा लो ना..!
सो वो भी नंगा ही अन्दर बाथरूम में आ गया और हम दोनों साबुन लगा कर खूब नहाए।
नहाते-नहाते शिशिर का लंड फिर जवान होने लगा था। मैंने शिशिर का लंड पकड़ कर अपने चूत में ले लिया और हम खड़े-खड़े बाथरूम में ही चुदाई करने लगे।
ऊपर शावर से पानी की धार.. नीचे से लंड की मार.. मज़ा आ रहा था।
तुम कभी आए तो अपुन ऐसे ही चुदाई करेंगे बाथरूम में…!
खैर चुदाई जारी थी, फिर हम दोनों झड़ गए। शिशिर नहा कर बाहर निकल गया, मैं नहाती रही।
शिशिर मुझे नहाते देख रहा था, तभी वो बोला- भाभी तुम्हारे चूतड़ तो बहुत मस्त हैं यार…. तो गांड भी बहुत शानदार होगी। चल जल्दी बाहर आ तेरी गांड मारनी है।
मैं मन ही मन बहुत खुश हुई कि चलो एक और दौर होगा, पर ऊपर-ऊपर से कुछ डरते हुए बोली, “नहीं यार गांड नहीं… सुना है गांड मारने में बहुत दर्द होता है; गांड नहीं चाहो तो चूत चोद लेना..!”
वो बोला- नहीं.. जल्दी बाहर आ.. आज तेरी गांड भी मारनी है।
मैं तो ऐसे ही ऊपर-ऊपर से कह रही थी, सत्य यह है कि मुझे तो गांड मराने में बहुत ही मजा आता है सो मैं भी जल्दी से बाहर आ गई।
मैं बाहर आ गई तो शिशिर बहुत खुश हुआ, बोला- भाभी तुम कितनी अच्छी हो.. मेरा कितना कहना मानती हो.. मुझे कितना साथ दे रही हो..!
मैंने कहा- चल अब मक्खन मत मार.. गांड मारनी है तो मार ले..!
मैं प्रेम से गांड मराने लगी, वो भी प्यार से गांड मार रहा था।
अचानक उसने पूरा लंड बाहर निकाल कर पूरा का पूरा एक झटके से मेरी गांड में डाल दिया, तो एकदम से मेरा मूत ही निकल गया। हम दोनों ही जोर-जोर से हंसने लगे। चुदाई के बाद मैं शर्माने जैसा नाटक कर के शिशिर से बोली- मुझे अब बहुत शर्म आ रही है.. मैं न.. कितनी गन्दी हूँ… मैं कितनी बेशरम हो गई थी और तुमने भी आज मुझे कितना रगड़ा है।
तो शिशिर बोला- नहीं भाभी, आप बहुत अच्छी हैं और मैं आप से बहुत प्यार करता हूँ और शरमाओ मत.. ये सब नेचुरल हैI
शिशिर बहुत खुश था। उसने मुझे हर तरह से रगड़ा था, मैं भी खुश थी कि मेरे तीनों छेद खूब भरे थी.. खूब अच्छे से चुदाई हुई थी।
भरपूर चुदाई के आनन्द के बाद हमने सोचा कि अब वापस चलना चाहिए तो दोनों ने कपड़े पहने और एक-दूसरे को खूब प्यार किया और वादा किया कि हम फिर मौक़ा मिलते ही इस सब को फिर से करेंगे और बार-बार करेंगे।
अब जब भी मेरे पति बाहर जाते हैं, शिशिर चोदने की जिद करता है। मैं भी कभी-कभी उसे मौक़ा देती हूँ, पर बाकी मेरे ढेरों और यार भी तो हैं… उनको भी तो अवसर देना होता है न…!
खैर आप आइएगा.. आपको भी निराश नहीं करूंगी।
अपने विचार कहानी के नीचे डिसकस में ही लिखें !



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


NEW CHUDAI KAHANI 2018kahanixxxbhanej.ne.mami.kee.chadi.utarkar.nangi.saxy.vidoगोरा,कलर चुत,s ex.vioesantrvasna kamukta dot com. Hindi sexi kahani didi soti rhi penti dikhimere fufa ne bur far di hindi seks khanisdx rani storiभाई ने जबरदस्ती बहन की कुवारी चुत और गांड फाड़ीwww kheta me pani me chuday hindi sex stori comsidhe sadhe pati ke dost se chuddichudakker bahno ka khandan sex kahaniv00ly w0dmaom ki gangbang ki icha ...hindi kahaniya सहेली के साथ xxxxxsavita ne bhanje se cudwaya kahanihindi sex stories. chudayiki sex kahaniya. kamujjta com. antarvasna com/tag/bktrade. ru/page no 319xxx vedio sar tisar bottom boy ne chudwaya jabardasti hindi sex storyजानवरों को चोदाभाई बहिन की सुहागरात कामुकता कॉम हिंदी मैtait bur choda chodi sexy kahani imegessavita ne bhanje se cudwaya kahanibur ki chodai comमोशी की चुत धिरे से मर क्सनक्सक्सantrvsan सैक्स stprey hendi 2018kiखेत मे मम्मी को जबरदस्ती मजे करायेHENDE SAKSE KHANEवीडीयो नगी फिल्म हीदी चूत काखेल लडxxx.hindmoovicocutemomwithnot son pornजाडी.चूत.वाली.देसी.aunty. videos. cmostory didi ne chudwaya dog se hindi me xxx imageहिंदी विलेज पोर्न स्टोरी मांxnx antharvasana hinde khaneyabhes ke pas sex video chudai sab ne mill kar chudai kiaslime momsonxxx ghar me akeleअच्छी चुत और चुच की फोटोabtarvasna.com pinki ki seal todi goli khakarsakse kahane cut land kesex khani hindi me bathinindian khanisex storiesmjbur antiki sex kahanihindi chavat katha aunty special sex story mom didi aur maiकमसिन छूट का रसपानsasur na mera chutchodajawan aunty ki chut ki khujli mitaai kahanihindi sex story मजबूर रिश्तेhindi chavat katha aunty sapcial sex story chudakkd mom didi aur mainBehan Bhai Ki Chudai Ki Kahanihinde xxx khine bhout sa choudekamukta story sleeping girl in hindi languagexxxmerabhaiMALISH CHUDAI HINDI KHANIसलिपर बस मे भान्जी कि सील तोढा स्टोरिhot sali kahani assameseantrvasna hindi sex strywww सच्ची कहानी शादी के पहले किस से च****** मेरे पति ने पूछा बाद में दोस्त से च******beta gussa maa ki mamta sex storiesबॉयफ्रेंड से देख देवर ने खूब पेला मेरे पती देव ने चोदाdede ki saxe khane comxxx viedo hindi nx.comburdidi se fecbook par sex chetsex stories in hindi biwi chudakkad ban gayichachi ko friend ne facebook Se ptaya saxy khaniभाभी का नाँघि नहानापडोसी अंकल ने मुझे धमकार छोड़ungal Karti xxx bhabhiअणु की जबरदस्ती से चुदाई स्टोरीदो बहन एक चुदाईuncle ne randi bnaya khanianterwasna ki nayee chudai kahaniजवान लडकी से पहला सैक्सXXX KHANIMY BHABHI .COM hidi sexkhanex kaha niyaसैक्सी बीडीयो बस मे गाड़ चुदाईsex kahanian kuari chut ki pahachansota bahu ka saxsexn.xxinhondichut chat ke rula de xxxvideo.comxxx chudai kahani maa kodosto sechudte dekhaxxxxx.com devar apni behan ki chut Martehindisexstory.netजबरन।बूर।चूदाई।विडियोबहन की चुत चुदाई से थकानhenbe.sex2050 bhai papa man for giral sister beti chut chudai 3g vedo hindi awaj me gandi bat vedolatika hindi bhabhi kahanirahasya ma beta hindime sexdehatisexstori,com