किराए वाली सेक्सी भाभी की चुदाई



loading...

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विजय है और मेरी उम्र 22 साल है. मेरी हाईट 6 फीट और मेरा लंड 8 इंच का है. दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है अगर मुझसे कुछ ग़लतियां हो जाए तो प्लीज मुझे माफ़ जरुर करना. दोस्तों यह कहानी बिल्कुल सच्ची कहानी है और यह कहानी मेरी और हमारे घर पर किराए से रह रही एक भाभी संगीता की है जिसकी उम्र 34 साल के करीब होगी.

दोस्तों में अपने परिवार के साथ रोहतक में रहता हूँ और हमने अभी कुछ समय पहले एक नया मकान खरीदा था, लेकिन हम अभी भी हमारे पुराने मकान में ही रह रहे थे और हमारा नया मकान दो मंज़िला है. हमने हमारे मकान का नीचे वाला हिस्सा एक परिवार को किराए पर दे दिया था. उनके परिवार में चार सदस्य थे भैया, भाभी, उनका बेटा और एक बेटी. भैया फ़ौज़ में थे तो इसलिए वो हमेशा बाहर अपनी नौकरी पर रहते थे और घर पर सिर्फ़ भाभी और उनके बच्चे ही रहते थे. उनका लड़का जिसकी उम्र 11 थी और लड़की की उम्र 8 साल थी. दोस्तों मेरे परिवार में मेरे पापा, मेरी मम्मी और में रहता हूँ.

मेरे पापा एक बहुत बड़ी प्राइवेट कम्पनी में सेल्स मेनेजर है और मेरी मम्मी एक सरकारी स्कूल में अध्यापक है. दोस्तों मेरे पापा पूरे सप्ताह घर से बाहर रहते है, वो बस शनिवार और रविवार को घर पर होते है और मेरी मम्मी की भी पास के एक गाँव के स्कूल में नौकरी है तो वो भी सुबह जल्दी जाकर शाम को 6-7 बजे ही घर पर लौटती है और उस समय में घर पर अकेला रहता हूँ और अब दोस्तों में अपनी कहानी पर आता हूँ और पूरी विस्तार से आप सभी को सुनाता हूँ.

दोस्तों यह कहानी दो साल पहले की है जब मेरे 12th क्लास के पेपर आए थे और तब में अपने घर पर ही रहता था और शाम को बस में अपनी एक कोचिंग पर ही जाता था और फिर में पूरा दिन अपने घर पर बैठकर लेपटॉप पर नेट चलाता और सेक्सी फिल्म देखता. में कुछ समय से ही मुठ मारने लगा था इसलिए मेरे पास पॉर्न फ़िल्मो का एक बहुत अच्छा कलेक्शन था.

में नेट पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता था और मेरे लंड का साईज़ उस वक़्त करीब 7 इंच होगा. मुझे अपनी उम्र से बड़ी औरते ज़्यादा पसंद है, क्योंकि पहले मेरी एक गर्लफ्रेंड थी और एक बार में उसके साथ सेक्स करने की कोशिश करने लगा, लेकिन वो मेरे बिना कुछ किए ही ज़ोर से रोने लगी और मैंने उसे बिना कुछ किए जाने दिया, लेकिन उसके बाद से में हमेशा समझदार शादीशुदा औरतों पर ज़्यादा ध्यान देता हूँ और उनकी गांड और बूब्स का साईज़ भी पहले से ही बड़ा होता है. अब में कहानी पर आता हूँ, दोस्तों हमारे यहाँ पर नये किरायेदार आने के बाद और हमे नये घर में चले जाने की वजह से ऊपर वाली मंजिल पर रहना पड़ा और उस समय सर्दियो का समय था, तो धूप में बैठने की वजह से में हमेशा हर कभी छत पर अकेला जाकर बैठ जाता था.

एक दिन की बात है में उस दिन छत पर लेटा हुआ था कि तभी संगीता भाभी छत पर आ गई. दोस्तों में थोड़ा उनके बारे में बता दूँ कि उनकी लम्बाई 5.5 फीट होगी, उनका गोरा रंग, वो दिखने में पतली, लेकिन बूब्स एकदम मोटे मोटे और उनके फिगर का साईज 35-30-38 था. वो हमेशा पटियाला सूट पहनती थी. उन सूट का गला थोड़ा नीचे तक गहरा होता था और बड़े गले के सूट पहनने की वजह से हमेशा भाभी की छाती की लाईन मुझे साफ साफ नज़र आती थी और उनकी सलवार में उनकी गांड और भी ज़्यादा उभरी हुई नज़र आती थी, इसलिए में उनकी तरफ बहुत आकर्षित था और में क्या उनको एक बार देखकर तो किसी बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाए.

दोस्तों वो जब उस दिन छत पर आई तो उनके बाल पानी से थोड़े भीगे हुए थे और उनके बाल बहुत काले, घने, लंबे, उनकी गांड तक लटक रहे थे और उनसे पानी टपक रहा था. फिर वो अपने कपड़े सुखाने छत पर आई थी और फिर कपड़े सुखाकर वो नीचे चली गई. मेरा पूरा पूरा ध्यान तब तक उनकी मटकती हुई गांड पर था. तभी अचानक से मेरा ध्यान उनकी सुखाई हुई पेंटी और ब्रा पर गया. में ब्रा, पेंटी को दूर से देखकर मन ही मन उन्हे चोदने के बारे में सोचने लगा और कुछ देर बाद में अपने कमरे में चला गया और उनके नाम की मुठ मारने लगा और शांत हो गया. दोस्तों उस समय मेरा लंड शांत हुआ था, लेकिन मन नहीं और में उनको चोदने का विचार करने लगा.

अब में हर रोज छत पर जाकर सोने लगा और वो भी हर रोज अपने कपड़े सुखाने छत पर आती थी और में उनकी गांड और बूब्स को चोरी छिपे देखता था और बहुत मज़े किया करता था. फिर एक दिन मेरी अच्छी किस्मत से हमारी ऊपर वाली पानी की टंकी में नहीं था. दोस्तों में अक्सर दोपहर के समय नहाता था और भाभी भी घर का सारा काम खत्म करके ही नहाती थी और उन्हे भी अपना काम खत्म करते करते दोपहर हो जाती थी. फिर उस दिन में जब नहाने के लिए नीचे वाले बाथरूम में गया तो मैंने देखा कि भाभी नहाकर बाथरूम से बाहर निकली थी और में उन्हें कुछ देर तक घूरकर देखता रहा.

फिर मैंने भाभी से कहा कि भाभी ऊपर वाली टंकी में शायद पानी नहीं है, अगर आप कहे तो क्या में नीचे नहा लूँ? भाभी ने कहा कि हाँ नहा लीजिए और में तुरंत सीधा बाथरूम में चला गया और जब मैंने अपने कपड़े उतारे तो देखा कि वहां पर भाभी की पर्पल कलर की गीली पेंटी और सफेद कलर की ब्रा लटकी हुई है. मैंने झट से ब्रा, पेंटी को अपने हाथ में ले लिया और फिर सूंघने लगा.

दोस्तों भाभी की पेंटी का चूत वाला हिस्सा थोड़ा कड़क था और उस जगह पर उनकी झांट के कुछ बाल भी चिपके हुए थे, में उसे चाटने लगा और अब मेरा लंड एकदम से तनकर खड़ा हो गया. मैंने उनकी ब्रा और पेंटी पर मुठ मारी और उन्हे वैसे ही वहां पर लटका दिया और नहाकर ऊपर चला गया. दोस्तों उस दिन के बाद से भाभी मेरी बातों पर थोड़ा कम ध्यान देने लगी थी, शायद उन्होंने मेरे वीर्य से भरी उनकी वो पेंटी और ब्रा को देख लिया होगा, लेकिन उसके बाद में हर दिन मौका मिलते ही उनकी सुखी हुई ब्रा और पेंटी पर मुठ मारने लगा.

कुछ दिनों से भाभी का व्यहवार भी बहुत बदला हुआ था और वो मुझे पहले एक दो काम बता दिया करती थी, लेकिन अब वो मुझसे बिल्कुल भी नहीं बोलती थी. अब मैंने सोचा कि आगे कैसे बढ़ा जाए तो मैंने एक प्लान बनाया और उस दिन मैंने अपना ट्राउज़र नीचे से थोड़ा फाड़ लिया और फिर छत पर अपनी एक किताब से अपना चेहरा ढककर सोने का नाटक करने लगा और अपने लंड को खड़ा करके उस फटी हुई ट्राउज़र से पूरा बाहर निकाल दिया. फिर जब वो हर दिन की तरह दोपहर को अपने कपड़े सुखाने छत पर आई तो एकदम से मेरे लंड पर उसकी नज़र पड़ी और उसने लंड को देखते ही अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया और कपड़े सुखाने लगी, लेकिन बार बार उसका ध्यान मेरे लंड की तरफ जा रहा था और वो जल्दी से कपड़े सुखाकर नीचे चली गयी.

फिर में भी अब हर दिन ऐसा ही करने लगा, वो बिल्कुल ठीक समय पर ऊपर आती और मेरे लंड को चोरी छिपे देखती और कुछ देर रुककर नीचे चली जाती, लेकिन उन्होंने मुझसे कभी भी कुछ भी नहीं कहा. एक दिन में बाहर से घर पर आ रहा था तो उन्होंने मुझे अपने पास बुलाया और उस समय वो किचन में कुछ काम कर रही थी. फिर मैंने भी उनके पास जाकर उनसे पूछा कि क्या हुआ? तो वो मुझसे थोड़ा गुस्से से बोली कि में जो भी मेरे कपड़े ऊपर सुखाती हूँ, तू उन्हें छेड़ता है क्या? दोस्तों उनके मुहं से यह बात सुनकर मेरी गांड फट गई और मैंने उनसे झूठ कहा कि नहीं तो, लेकिन आप मुझे बताओ कि ऐसा क्या हुआ है?

फिर उसने मुझसे कहा कि देख ले अगर मुझे कुछ पता गया तो में तेरी ऐसी बेज्जती करूंगी कि सबको पता चल जाएगा, वो उस समय बहुत गुस्से में थी और में चुपचाप उनकी बातें सुनकर ऊपर आ गया और अब मुझे उनसे बहुत डर लगने लगा कि कहीं वो मेरी मम्मी को मेरी गंदी हरकतों के बारे में ना बता दे और मेरी कहीं बाहर पूरे मोहल्ले में बदनामी ना कर दे, लेकिन दोस्तों ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, लेकिन अब उसने अपनी पेंटी और ब्रा को ऊपर सुखाना बिल्कुल बंद कर दिया था और कुछ महीने ऐसे बीत गये और अब में हमेशा उनसे आँखे चुराकर निकल जाता था और कभी उनकी तरफ अपनी नजर उठाकर देखता भी नहीं था.

एक दिन जनवरी के महीने में मेरी नानी की अचानक से तबीयत खराब हो गई और मेरी मम्मी को वहां पर जाना पड़ा, इसलिए मम्मी भाभी को मेरे लिए खाना बनाने के लिए कहकर मेरे मामा के घर पर चली गई और उन्होंने जाते समय भाभी से कहा कि मैंने सब्जी बनाकर फ्रीज़ में रख दी है, बस तुम्हे इसके लिए रोटी ही सेकनी है तो भाभी ने कहा कि ठीक है. दोस्तों मम्मी सुबह जल्दी ही निकल गई थी और कुछ दिन वहां पर रुककर वापस आने वाली थी.

फिर उस दिन मुझे अचानक से ठंड लग गई और मेरी भी तबीयत बहुत खराब हो गई. में अपने बेड पर पूरा दिन पड़ा रहा और शाम को जब भाभी मुझे खाना देने आई तो में उस समय सो रहा था और मुझे पता भी नहीं चला कि वो कब मेरे रूम में आ गई, वो उस समय मुझे उठा रही थी, लेकिन में रज़ाई ओढ़कर सो रहा था और मैंने अंदर सिर्फ़ अंडरवियर पहनी हुई थी और मेरा एक हाथ रज़ाई से थोड़ा बाहर था, तो भाभी मेरा हाथ पकड़कर मुझे उठाने के लिए हिला रही थी. फिर कुछ देर बाद जब मैंने थोड़ी आखें खोली तो वो मुझसे बोली कि क्यों तुम्हे तो बहुत तेज बुखार आ रहा है? तो मैंने एक बार फिर से अपनी आखों को बंद कर लिया और फिर से सो गया, लेकिन जब मेरी दोबारा आँख खुली तो मैंने देखा कि डॉक्टर मेरे सामने था और उसने मेरा बुखार चेक किया.

में वैसे ही पीछे दीवार का सहारा लेकर रज़ाई ओढ़कर बेड पर बैठ गया. उसने मेरे हाथ पर इंजेक्शन लगाया और मुझे बुखार उतर जाने की कुछ गोलियां दे दी और उसने मुझसे कहा कि मुझे बहुत तेज बुखार है और फिर डॉक्टर चला गया. उस समय रात के करीब 7:30 बजे होंगे, लेकिन सर्दियों का मौसम होने की वजह से बाहर बहुत अंधेरा हो चुका था.

भाभी डॉक्टर को नीचे दरवाजे तक छोड़कर दोबारा मेरे रूम में आ गई और फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चलो तुम भी आज नीचे ही सो जाना, कहीं रात को तुम्हारी ज़्यादा तबीयत खराब ना हो जाए और मुझे इस बात का पता भी ना चले. फिर मैंने भाभी से कहा कि नहीं में अब थोड़ा ठीक हूँ और ऐसी कोई डरने की बात नहीं है, आप नीचे जाकर सो जाओ, लेकिन तभी भाभी बोली कि नहीं तुम चुपचाप मेरे साथ चलो में तुम्हे ऐसे अकेला नहीं छोड़ सकती और उन्होंने मुझे उनके साथ चलने को कहा.

फिर मैंने कहा कि ठीक है आप चलो, में अभी आता हूँ क्योंकि दोस्तों मैंने अंदर कुछ नहीं पहना था. फिर भाभी मुझसे बोली कि ठीक है, लेकिन तुम थोड़ा जल्दी से आ जाओ और भाभी जैसे ही कमरे से बाहर निकलकर गई तो में अपना ट्राउज़र लेने के लिए उठा और में चक्कर खाकर नीचे गिर गया. भाभी इस आवाज़ को सुनकर एकदम पीछे भागकर मेरे रूम में आ गई और उस समय में सिर्फ़ अंडरवियर और बनियान में था और मेरा लंड एकदम टाईट हुआ पड़ा था, क्योंकि मुझे उस समय सू सू का दबाव लगा था.

अब भाभी की नज़र एक बार तो मेरे लंड पर पड़ गई और यह देखकर मेरा लंड और भी हिचकोले खाने लगा, लेकिन मुझे थोड़ी शरम भी आ रही थी और भाभी ने जब देखा कि में उनको अपने लंड की तरफ देखते हुए देख रहा हूँ तो भाभी ने झट से अपनी आखों को मेरे लंड से हटा लिया और फिर वो मुझे अपनी बाहों का सहारा देकर उठाने लगी. मुझे उठाते समय मेरा कंधा उनके मोटे बूब्स से टकरा रहा था और मेरे लंड में अब सू सू का दबाव धीरे धीरे बढ़ता ही जा रहा था. भाभी ने मुझे मेरा ट्राउज़र उठाकर दे दिया और मैंने उसे पहन लिया.

दोस्तों तभी भाभी मेरा हाथ पकड़कर मुझसे बोली कि चलो में तुम्हे नीचे ले चलती हूँ और उन्होंने इतना कहकर अपना एक हाथ मेरी कमर में डाल दिया और दूसरे हाथ से मेरा हाथ पकड़कर मुझे उनके कंधे का सहारा देकर मेरे साथ धीरे धीरे चलने लगी, जिसकी वजह से में शरीर पर उनके बड़े बड़े बूब्स को छूता हुआ महसूस कर रहा था. अब भाभी और में नीचे आ गये, लेकिन मेरी तबीयत खराब होने की वजह से में उस वक़्त इतना मज़ा नहीं ले पाया और मैंने नीचे आकर सू सू किया और फिर ब्रेड और दूध पिया. भाभी ने मुझे गोली दी और फिर उन्होंने मुझे उनके कमरे में डबल बेड के पास में एक चारपाई बिछाकर मुझे उस पर लेटा दिया.

फिर मैंने देखा कि भाभी के बच्चे और भाभी उस समय टीवी देख रहे थे. भाभी मेरी चारपाई के पास ही बैठी हुई थी और में रज़ाई ओढ़कर उनके डबल बेड से करीब एक फीट की दूरी पर अपनी एक अलग से चारपाई लगाकर लेटा हुआ था. दोस्तों टीवी की आवाज़ सुनते सुनते और भाभी को चोदने के बारे में सोचते हुए ना जाने कब मेरी नींद लग गई मुझे इस बात का पता ही नहीं चला. फिर जब कुछ घंटो बाद मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि भाभी मेरा हाथ पकड़कर बुखार देख रही थी और भाभी ने उस समय एक बहुत मस्त लाल कलर की मेक्सी पहनी हुई थी जिसकी वजह से उनके बूब्स एकदम उभरे हुए टाईट दिख रहे थे.

अब तक भाभी के दोनों बच्चे सो चुके थे और मेरी आँख खुली तो भाभी मुझसे बोली कि अब तो तुम्हे बुखार नहीं है, चलो तुम सो जाओ और फिर भाभी ने उठकर कमरे की लाईट को बंद कर दिया और वो भी लेट गयी. दोस्तों जब वो लाईट को बंद करके बेड पर लेट रही थी तभी मैंने जानबूझ कर अपना एक हाथ बीच में ऐसे किया कि वो उससे टकरा जाए और फिर मेरा हाथ उनकी नाभि के पास वाले हिस्से से जा टकराया. अब मेरा लंड उनकी चूत को सलामी देने लगा और मेरे दिमाग़ में कुछ कुछ आने लगा, लेकिन मुझे बहुत डर भी लग रहा था, फिर मैंने सोचा कि अगर आज का मौका हाथ से निकल दिया तो फिर शायद कभी भी मुझे इतना अच्छा मौका नहीं मिलेगा. दोस्तों मुझे यह बात सोचते सोचते शायद एक घंटा बीत गया होगा और फिर मैंने कुछ करने का पक्का विचार किया. मुझे पहले से ही पता था कि भाभी एक रज़ाई में है और उनके दोनों बच्चे अलग रज़ाई में.

दोस्तों मैंने इस बात का फायदा उठाते हुए अपने एक पैर को रज़ाई से बाहर निकाल लिया और उनके बेड पर रख दिया और धीरे धीरे उसे आगे बढ़ाने लगा और फिर अचानक से कुछ देर बाद मेरे पैर का अंगूठा उनके पैर से टकरा गया. जिसकी वजह से मेरी सांसे वहीं पर रुक गई और पैर भी. मैंने फिर थोड़ी देर इंतजार किया और थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि भाभी ने करवट ली और वो मेरे पास आ गई. उनका पैर मेरे पैर पर रखा हुआ था जिसकी वजह से में अब बिल्कुल भी नहीं हिल पा रहा था.

मैंने धीरे से अपने पैर को खींचा और इस बार मैंने अपना एक हाथ उनकी रज़ाई में डाल दिया. दोस्तों भाभी का चेहरा मेरी तरफ था और अब मेरा हाथ उनकी गर्दन पर छू गया था. मैंने डरते डरते अपने हाथ को नीचे किया और अब मेरा लंड एकदम से सख्त हो चुका था और मेरा हाथ अब उनकी गर्दन से होता हुआ उनकी मेक्सी के बटन तक पहुंच गया. मैंने धीरे से पहले बटन को खोल दिया जिसकी वजह से मुझे उनकी ब्रा के ऊपर के हिस्से को छूने का अहसास होने लगा था.

फिर मैंने पहले उनके बूब्स पर धीरे से हाथ घुमाया, लेकिन जब बहुत देर तक उनकी तरफ से कोई हरकत नहीं हुई तो मैंने धीरे धीरे उनके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद में ब्रा को बूब्स से नीचे करने लगा, लेकिन वो ब्रा बहुत टाईट थी जिसकी वजह से में उस ब्रा को नीचे नहीं कर सका और फिर हारकर मैंने उनकी चूत की तरफ हाथ बढ़ाने का विचार बनाया. अब मैंने अपना हाथ नीचे किया और उनकी मेक्सी को ऊपर की तरफ उठाना शुरू कर दिया, लेकिन मेक्सी पूरी ऊपर नहीं उठ पाई इसलिए मुझे अपना सर चारपाई पर थोड़ा नीचे करना पड़ा.

फिर मेरा हाथ उनकी पेंटी तक पहुंच गया और मैंने अपने हाथ को उनकी पेंटी के ऊपर से ही चूत पर रख दिया, तब मुझे उनकी लंबी झांटो का अहसास अपने हाथ पर हुआ और मैंने महसूस किया कि पेंटी का ठीक चूत के ऊपर वाला हिस्सा थोड़ा गीला और गरम था और कुछ देर बाद मैंने पेंटी के ऊपर से अपना हाथ पेंटी के अंदर डाल दिया और में चूत का छेद ढूँढने लगा, क्योंकि मुझे इन सभी कामों का इतना अनुभव नहीं था और अब मेरा हाथ उनकी झांटो और चूत के ऊपर वाले हिस्से को सहला रहा था. तभी मेरी बड़ी उंगली उनकी चूत के छेद पर पहुंच गई और मैंने अपने हाथ को थोड़ा सा आगे की तरफ किया तो मेरी दो उँगलियाँ फिसलती हुई सीधी उनकी चूत में चली गई और मैंने महसूस किया कि चूत अंदर से बहुत गरम और चिकनी थी, तभी अचानक भाभी थोड़ा सा हिली और उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर एक ज़ोर से झटका देकर बाहर निकाल दिया जिसकी वजह से मेरी तो गांड एक ही बार में फट गई थी, लेकिन थोड़ी देर तक जब भाभी कुछ नहीं बोली तो मुझे समझ आ गया कि मुझे उनकी चूत को अपनी बनाने के लिए उन्हे अभी थोड़ा और गरम करना पड़ेगा.

दोस्तों भाभी मेरा हाथ बाहर निकालकर उस तरफ करवट करके लेट गई, जिसकी वजह से उनके बेड पर मेरी तरफ थोड़ी जगह हो गई थी और में तुरंत उठकर अपनी रज़ाई से बाहर निकलकर उनके बेड पर उनके पीछे उनकी रज़ाई में घुस गया और फिर अपना तनकर खड़ा हुआ लंड में उनकी गांड पर छूकर लेट गया, लेकिन भाभी मुझसे कुछ नहीं बोली और हम दोनों अब एक ही रज़ाई में लेटे हुए थे. में अपना एक हाथ उनके कंधे के ऊपर से उनके बूब्स पर ले गया और उन्हे ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और ब्रा की कंधे के ऊपर वाली डोरी को थोड़ा कंधे से नीचे करके मैंने ब्रा को भी थोड़ा नीचे कर दिया था, लेकिन अब भी भाभी मुझसे कुछ नहीं बोल रही थी और अँधेरा बहुत होने की वजह से में कुछ देख भी नहीं पा रहा था, लेकिन बस में लगातार आगे बढ़े जा रहा था.

दोस्तों कुछ देर तक उनके बूब्स को दबाने के बाद मैंने उनकी मेक्सी को धीरे धीरे ऊपर उठना शुरू किया और जब मेक्सी उनके नीचे दब जाती तो वो थोड़ा सा ऊपर उठकर उसे बाहर निकालने में मेरी मदद कर रही थी. उनकी मेक्सी को उतारने के बाद मैंने उनकी ब्रा के हुक भी खोल दिए और उन्हे बिल्कुल सीधा लेटाकर में उनके ऊपर आ गया और अब हमारे ऊपर एक रज़ाई भी थी. बाहर ठंड का मौसम था, लेकिन फिर भी रज़ाई के अंदर का तापमान बहुत तेज था और मैंने उन्हे किस करना शुरू किया. फिर किस उनके बूब्स के ऊपर, गर्दन पर, गालों पर, कानों के पीछे और हर एक जगह पर किया और फिर कंधो से होता हुआ उनकी भुजा पर.

दोस्तों मैंने महसूस किया कि उनकी भुजा पर बहुत लंबे लंबे बाल थे और में उन्हे भी प्यासे की तरह चाटने लगा जैसे कोई सो सालो से प्यासा आदमी गीली ज़मीन चाट रहा हो. अब में धीरे धीरे नीचे आ गया और उनके बूब्स को चूसने लगा और दांतो से काटने लगा, जिसकी वजह से वो बीच बीच में सिसकियाँ ले रही थी, लेकिन अब मेरा लंड भी अपने पूरे उफान पर था और वो उनकी चूत को धीरे धीरे रगड़ रहा था. फिर में धीरे धीरे उनकी नाभि को क़िस करता हुआ उनकी पेंटी तक पहुंच गया. पहले मैंने पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत वाले हिस्से को पूरा मुहं खोलकर जितना अंदर ले सकता था ले लिया और फिर उसे चूसने लगा.

उसके बाद अपने दांतो से पेंटी को पकड़कर खींचने लगा और मैंने उनकी पेंटी को थोड़ा नीचे कर दिया. दोस्तों भाभी और में अभी तक कुछ भी बात नहीं कर रहे थे, लेकिन हाँ वो लगातार सिसकियाँ जरुर ले रही थी. मैंने महसूस किया कि अब उनकी धड़कने और सांसे बहुत तेज चल रही थी और मेरी भी. अब मैंने बाकी बची हुई पेंटी को भी हाथ से पकड़कर हटा दिया और उनकी चूत को जितना ज़ोर से चूस सकता था मैंने चूसा. फिर अचानक से भाभी नीचे बैठ गई और मेरे नीचे मेरे लंड पर हाथ मारने लगी.

दोस्तों में अब तुरंत समझ गया कि वो मुझसे क्या चाहती है? मैंने जल्दी से अपने ट्राउज़र को उतार दिया और अंडरवियर को भी उतार दिया और बनियान को भी. अब में और भाभी पूरे नंगे थे, लेकिन अंधेरा इतना था कि हम एक दूसरे को देख ना सके. हम दोनों अब 69 की पोज़िशन में आ गए और में उनकी चूत में उंगली करने लगा. दोस्तों उनकी चूत में मेरी उंगली बड़ी आसानी से अंदर बाहर हो रही थी. अब भाभी मेरे लंड के सुपाड़े को चाट रही थी और अपनी पूरी जीभ मेरे लंड पर घुमा रही थी. अब उन्होंने मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और चूसने लगी. में उनकी चूत में उंगलियां कर रहा था और चूत को चूस रहा था.

दोस्तों मेरा लंड खड़ा होने के बाद 2 इंच मोटा और 7 इंच लंबा हो जाता है, वो मेरे लंबे मोटे लंड को बड़ी आसानी से अपने मुहं में अंदर बाहर कर रही थी. मैंने आज पहली बार अपना लंड किसी को चुसाया था और इस वजह से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और लंड चूसने में जो मजा आता है वो में आपको शब्दों में नहीं बता सकता.

दोस्तों भाभी मेरे लंड को लगातार चूसती रही और में उनकी चूत का स्वाद लेता रहा. भाभी की चूत से बहुत पानी बह रहा था और अब मेरा वीर्य भी निकलने वाला था और कुछ देर बाद मेरा पूरा वीर्य भाभी के मुहं में निकल गया और भाभी ने मेरा सारा माल गटक लिया और फिर वो मेरे लंड को चूसने लगी. में भी उनकी चूत को लगातार ज़ोर ज़ोर से चूसे जा रहा था और करीब दस मिनट के बाद मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया.

भाभी ने तुरंत मेरा लंड छोड़ दिया जिसका मतलब में झट से समझ गया कि भाभी अब इसे अपनी चूत में लेना चाहती थी. में सीधा हुआ और तब तक भाभी ने अपने दोनों पैरों को फैला लिया और मेरा लंड पकड़कर उन्होंने खुद ही अपनी चूत के छेद पर रख दिया. मैंने एक ज़ोर का धक्का मार दिया जिसकी वजह से मेरा पूरा लंड फिसलता हुआ उनकी चूत की जड़ तक पहुंच गया. मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मानो वो उनकी बच्चेदानी को छू रहा हो और उनके मुहं से एक बहुत ज़ोर की चीख निकल गई आह्ह्हहह आईईईईई, लेकिन वो अब भी चुप थी और उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया और मुझे किस करने लगी और उन्होंने अपने दोनों पैरों को मेरे कूल्हों के ऊपर लपेट लिया, इस वजह से में ज्यादा ज़ोर से धक्के नहीं लगा पा रहा था.

फिर में समझ गया कि शायद उन्हे ज्यादा दर्द हो रहा है, तो में उन्हे किस करने लगा. फिर थोड़ी देर बाद भाभी ने अपनी पकड़ को थोड़ा ढीला किया तो में अब धक्के लगाने लगा और उनके बूब्स को काटने लगा. भाभी बहुत धीरे धीरे सिसकियाँ ले रही थी आहहउहहइहह और में लगातार धक्के देकर उनकी जबरदस्त चुदाई किए जा रहा था. बीस मिनट तक उनकी चुदाई करने के बाद में झड़ने वाला था और मैंने अपने धक्कों को दुगनी रफ़्तार से लगाने शुरू किए.

भाभी भी उतनी ही रफ़्तार से सिसकियाँ ले रही थी और तभी मुझे अपने लंड पर गरम पानी का अहसास हुआ और भाभी का पूरा शरीर बिल्कुल ढीला पड़ गया. भाभी की चूत का गरम पानी मेरे लंड को छूते ही मेरे लंड ने भी वीर्य की बोछार कर दी और में धक्के लगाता रहा और मैंने अपने वीर्य की हर एक बूँद को उनकी चूत में डाल दिया और फिर लंड को चूत से बाहर निकाले बिना ही में उनके ऊपर लेट गया और में कब सो गया मुझे पता ही नहीं चला, लेकिन दोस्तों उस चुदाई से मेरे सर पर चड़ा हुआ उनकी चुदाई का बुखार पूरी तरह से उतर चुका था. दोस्तों अब तो भाभी मेरी बीवी बनकर रहती है और में जब भी मौका मिलता है, में उसे चोद देता हूँ.



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


hijara sexhinde storisaxe rane khane comबुढो की अयासी हिन्दी सेक्सी कहानीmom ki friend anti ko patni bna,kar chodaबीबी बहन और चोदाईbhai boner rape sex kahani banglaychuchi se dudu pine ki kahanichut lend mosee jbrjstebhavna bhabhi xxx potanindei saxy kahniyaSAKAX KAHANEYAmastram ki kahanihindi sexy xxx 2018 chachi chudai ki kahaniभाई बहिन कहानी चूदाईsex ki kahaniyaimage ke sath hindijija sali /sasur bahurani /nokarani/babhi ki bahan ki kahaniच।च।सेकसीहिनदीमेsex kamjori nxx vdoswww बूढढो ने ममी को चोढा हिंदी sex story com xxxx video deshi 12sal girl codaei aedao awajxxx bua ko choda khet me kahani photo ke sathdidi ki samuhik rape storyमेरे पति नही रहेंगे तो चोद लेनाबुर से खुन निकलते विडियोचुदँई का मजाpariwar me chudai ke bhukhe or nange logpolis badi gad kahani xxxपचर चतू किsalwar wali ke sath suhagraat ki khania hindi mhindisxestroyHINDI NEW KHANI Xhindi dexy story dost ki nibi ki vjudaixnxx new saxy panteis and kandomhindesixe.comgar chodaihindikhanimastramki hindi animalsexstory.comदेशी बेंगन की सेक्सी कहानी मा बेटाVIDHAVA MA BETD KI XXX QAHANIYAbehan ki naghi chut hindi sexn storyxxxhindi kahaniyaxnxx anthrwasana sex kahanexxx hot ungli se chudaee ka hot storykutte ke sath antarwasana.comantravasna hindi sexstoryparty me bulakar boss ne sex kiagroupes sexy new kahani photo bhisexkahnaibabi ko nagi karke xxx kahanikaro pdti kahani xxxsaksebfvideo burkaसील तोड़ने वाली xxx hindi storixristo me chudaie ki kahani desi hindicudai ki kahani hindibhai ki madad se uaki bhan ko choda sexy story in hindiantravsan mastaram with photonokrani ke sath sexसैकसीविडीयौ भाई बहन गाव कूचुत खोलो आटी2010 पुरानी गेर मर्द से सेकस कहानियाNEW XXX HINDI STORYSचुदाई कि कहानियां काम वासना रिश्ते कीlund chut ki storyAnjane me cudaiहिन्दी सेक्स काहनियाँ गालियाँaaj aapko mere dosto se bhi chudwana hain sexy hindi storychut land gand sekcesax rane .com kahaneyasexi samacharजेल मे खिलौने सेचोदाई सेसnew xnxx hd videos ma muje aasa videos cahia ki usme ldaki ka laand raheta haahindi sexxy kahani padosi na chodadesi photo k sath khet mai chudai kahanisax waef hasband chati farind xxxxxदिदि को गोद मे चोदा saxy.hindi.stories.mastram.bate.unclexxx storys bhabhi ki chut ki khujli mitai in hindiमाँ कि चौदाई गुप मै पाटी मेpotee poran kahaneeमाँ और अंकलBiwi ne behan chodne me madad kigadha kai land sa chodai hindi kahaniबाप बेटी की चूत चुदाई कहानी मदुnoukrani ki cuudai hindi kahni videosexi movi vidio idi xxx hitndi bus me Jati hu ladki ka sex videosexy mohabbat ki kahanihindi ma chudai ke apni kahine apni juvani you touvsasur aair bahu ki kahaniसलीपर बस मे साली कि चूदाई डौट कौम सटोरीnockrine.ki.chudei.com.hindikamukta.com holi me adla badli bhabhi sex hindi storyदीदीऔर बीबी वर्थडे पर गुरूप मे चुदबायाmsajbali ki chadaiSOTELI.BHATIGI.CHUDAI.WITH.VIDOबहिन को पहले दोस्त ने छोड़ा फिर मैंने छोडा की सकता हैchodankahanihindi.44sall 22sall xxx वीडियो hdristo me chudai kahani hindi me